About Krishna Priya Ji Ka Trust

भारत – एक लोकतांत्रिक देश, विश्व के सबसे शक्तिशाली देशों में से एक, विश्व का सबसे बड़ी जनसंख्या वाला देश। एक ऐसा देशा जहां हर वर्ग हर तबके के लोग अपना जीवन यापन करते हैं। जहां हर धर्म को मान्यता दी जाती है। संत महात्माओं का एक ऐसा देश जहां गाय को माता माना जाता है। यहां की संस्कृति, सभ्यता को पढ़ने के लिए विदेशों से लोग आते हैं। लेकिन इन सभी के बीच एक काला सच भी छूपा है जो नजर तो सबको आता है लेकिन कोई उसे देखना नहीं चाहता। गाय को माता मानने वाले इस देश में दूध ना देने पर उन्हें सड़को पर छोड़ दिया जाता है।

आज हमारे देश में 19 करोड़ से ज्यादा गोवंश पशु हैं जिनमें 18 करोड़ गोवंश पशु ग्रामीण इलाकों में हैं जबकि 70 लाख पशु शहरी क्षेत्रों में रहते हैं । गायें जब दूध देना बंद कर देती हैं तो गावों और शहरों में किसान अपनी गायों को सड़कों पर छोड़ देते हैं। उन्हे तभी तक माता की संज्ञा दी जाती है जब तक वह आपके काम की रहती, उसके बाद वह बोझ बनने लगती है। वह अपना दर्द बयां तक नहीं कर पाती, लेकिन कहते हैं ना जहां अंधेरा होता है वहीं उजाले की किरण भी नजर आती है, ऐसे ही अनाथ ,बेसहारा, वृद्ध सड़को पर लावारिस छोड़ दी गई गौ माताओं के जीवन में उजाले की किरण बनकर आया है चैन बिहारी आश्रय फाउंडेशन। जिसके अंतर्गत महावन मथुरा में वर्ष 2013 संस्था की स्थापना की गई ।*

Krishna Priya Ji Ka Trust

गौ माताओं के दर्द को समझते हुए पूज्या देवी श्रीकृष्ण प्रिया जी ने गौ माताओं के संरक्षण का बीडा उठाया है जहां भी कोई सड़को पर बिमार, बेसहारा, गाय मिलती है उन्हें संस्था अपने वहां ले आती है, जहां उनका उचित इलाज किया जाता है, उनके चारे इत्यादि का प्रबंध किया जाता है। इस वक्त संस्था के द्वारा संचालित गौशाला में 100 से अधिक गाये हैं, संस्था का उद्देश्य गौशाला को 10 एकड़ में फैलाना है जिससे की यहां लगभग 1000 से अधिक गायों को रखा जा सके एवं उनकी सेवा की जा सके।
अगर आप भी अनाथ ,बेसहारा ,वृद्ध गौ माता की सेवा में अपना योगदान देना चाहते हैं संस्था में संपर्क कर सकते हैं।